February 25, 2024

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Started studies after a decade of marriage and became assistant professor

Started studies after a decade of marriage and became assistant professor

शादी के एक दशक बाद पढ़ाई शुरू कर इतिहास रच बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

शादी के एक दशक बाद पढ़ाई शुरू कर इतिहास रच बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

Started studies after a decade of marriage and became assistant professor

Started studies after a decade of marriage and became assistant professor
Started studies after a decade of marriage and became assistant professor

शादी के एक दशक बाद पढ़ाई शुरू कर बनी असिस्टेंट प्रोफेसर

शादी के बाद पढ़ाई छूटी, 11 साल बाद फिर पुस्तकों से दोस्ती और गीता गुप्ता ने रच दिया इतिहास

12वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास,संदेश: मेहनत के आगे कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं

लक्ष्मणगढ़: कस्बे के जाने माने चिकित्सक डॉ संदीप सरावगी की धर्मपत्नी गीता_गुप्ता ने शादी के एक दशक बाद पढाई शुरू कर आरपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल कर इतिहास रचा है। श्रीमती गुप्ता ने बताया कि सफलता के लिए रोजाना 18 घंटे पढाई की जिसमें पति व परिवार वालों ने पूरा सहयोग किया तथा घर के कार्यों में सहयोग किया। उन्होंने बताया कि पति ने काफी प्रोत्साहित भी किया इससे आत्मविश्वास भी बढ़ा तथा बेहतर आत्मविश्वास के दम पर पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्होंने बताया कि पहले बीकाॅम किया फिर एम काॅम किया तथा इसके बाद नेट में भी पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। इस दौरान कॉलेज शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का लक्ष्य तय किया। हालांकि लक्ष्य काफी बड़ा था लेकिन मन संघर्ष व मेहनत के दम पर चुनौतियों को हराने का जज्बा भी था। उन्होंने बताया कि संघर्ष के इस दौर में पति डॉ संदीप सरावगी ने पूरा साथ निभाया। सोमवार को घोषित आपीएससी कालेज शिक्षा ईएएफएम विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर में 12वीं रैंक के साथ चयन हुआ। श्रीमती गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय श्री कल्याण अस्पताल सीकर में सर्जन के पद पर कार्यरत पति डॉ संदीप सरावगी, सास पुष्पा देवी, ससुर प्रहलाद सरावगी, मां प्रेम देवी, पिता राजेंद्र गुप्ता, भाई कृष्ण गोपाल मित्तल, अमित सरावगी, सोनिया आदि को दिया है।
कामकाजी महिलाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे यूथ के लिए यह प्रेरणादायक कहानी है। लक्ष्मणगढ़ निवासी गीता गुप्ता शादी के बाद बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पढ़ाई जारी नहीं रख सकी। लेकिन 11 साल पुस्तकों की दोस्ती का फिर से साथ निभाने का मन हुआ। पहले उन्होंने बीकॉम के बाद एमकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद नेट में भी पहले प्रयास में सफलता हासिल कर ली। इस बीच कॉलेज शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का लक्ष्य तय किया। लक्ष्य काफी बड़ा था। लेकिन मन में संघर्ष और मेहनत के दम पर चुनौतियों को हराने का जज्बा भी था। संघर्ष के इस सफर में पति डॉ. संदीप सरावगी ने पूरा साथ निभाया। सोमवार को घोषित आरपीएससी कॉलेज शिक्षा ईएएफएम विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 12 वीं रैंक के साथ चयन हुआ है। सरावगी फिलहाल एसके अस्पताल में जर्नल सर्जन के पद पर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में लक्ष्य तय हो और व्यक्ति इसके अनुरुप मेहनत करें तो सफलता आसानी से हासिल की जा सकती है।

संघर्ष: रोजाना 18 घंटे पढ़ाई, पति ने निभाया पूरा साथ

गीता ने बताया कि इस सफलता के लिए रोजाना 18 घंटे पढ़ाई की। पति ने पूरा साथ निभाते हुए घर के कार्यो की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने बताया कि पति ने काफी प्रोत्साहित भी किया। इससे आत्मविश्वास बढ़ा। बेहतर आत्मविश्वास के दम पर पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है।

संदेश: स्मार्ट स्टडी और रिविजन पर करें फोकस
गुप्ता ने बताया कि बदलते दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का पैटर्न भी यूथ को बदलना होगा। अब स्मार्ट स्टडी की आवश्यकता है। आप किस तरह से कम समय में सिलेबस पर मजबूत पकड़ कर सकते है, इसके लिए योजना की आवश्यकता है। जब आप को लगे कि अब एक बार सिलेबस पूरा हो गया तो फिर टेस्ट सीरिज की मदद लेनी चाहिए। इससे आपको पता लगेगा कि कौनसे क्षेत्र की तैयारी अभी भी कमजोर है, इससे रिविजन की दिशा तय होगी।

 

 

 

 

 

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