February 25, 2024

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Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram's exile and Bharat Milap.

Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram's exile and Bharat Milap.

मंड्रेला में संगीतमयी रामकथा का हो रहा आयोजन, राम वनवास और भरत मिलाप की कथा सुन भावुक हुए श्रोता

Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram’s exile and Bharat Milap.

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Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram’s exile and Bharat Milap.

 

Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram’s exile and Bharat Milap.

मण्ड्रेला में संगीतमयी रामकथा का हो रहा आयोजन, राम वनवास और भरत मिलाप की कथा सुन भावुक हुए श्रोता

Musical Ramkatha is being organized in Mandrella, listeners got emotional after listening to the story of Ram’s exile and Bharat Milap.

मण्ड्रेला कस्बे के लाठो के मंदिर (राणी शक्ति मन्दिर) में अयोध्या में राम मन्दिर प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर दुर्लभ सत्संग एवं संगीतमय श्री रामकथा के छठे दिन मंगलावर को कथावाचक श्री रामकृष्ण महाराज ने राम वनवास और भरत मिलाप की कथा का वर्णन किया।रामकथा की शुरुआत आरती से हुई।

इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। संगीतमयी भजन का दौर चला। इसको सुनकर श्रोता भक्ति के सागर में गोते लगाते दिखे।कथावचाक ने राम वनवास की कथा सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ द्वारा उनकी मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना के बाद सीता, लक्ष्मण सहित राम वन की ओर चले तो पूरी अयोध्या नगरी शोक में डूब गई।

हर कोई उनके साथ जाने को तैयार हो गया, लेकिन प्रभु राम ने सभी को मना कर दिया और सीता व लक्ष्मण के साथ आगे बढ़ गए।महाराज ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब भरत वापस अयोध्या आए और राम के वन में जाने की खबर मिली तो वह उनसे मिलने के लिए निकल पड़े।

राम से मुलाकात की और उन्हें वापस साथ चलने के लिए मनाने लगे, मगर राम ने पिता के वचन को याद दिलाया और उन्हें लौट जाने को कहा।

भरत वापस लौटते समय उनके खड़ाऊ लिए और उन्हें शीघ्र वापस लौटने की बात कही। श्रीराम और भरत मिलाप की मार्मिक कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक उठे।

 

 

 

 

 

 

 

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