February 26, 2024

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Ceremonial closing of Shekhawati Handicrafts and Tourism Fair organized in Abusar

अबुसार में आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला का समारोह पूर्वक समापन

Ceremonial closing of Shekhawati Handicrafts and Tourism Fair organized in Abusar

अबुसार में आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला का समारोह पूर्वक समापन

Ceremonial closing of Shekhawati Handicrafts and Tourism Fair organized in Abusar
Ceremonial closing of Shekhawati Handicrafts and Tourism Fair organized in Abusar

 

शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेले का समारोहपूर्वक समापन
झुंझुनू  जिला उद्योग केंद्र द्वारा हर वर्ष की भांति अबुसार में आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला 2023 का  रविवार को ग्रामीण हाट आबूसर में समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि झुंझुनू नगर परिषद की सभापति नगमा बानो थी ।

विशिष्ठ अतिथि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एसीपी इस्माईल खान, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनीश खान, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्योला, एलडीएम रतन लाल वर्मा, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक देवेंद्र चौधरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विकास चाहर,अतिरिक्त निजी सचिव रामसिंह पूनिया, उद्योग प्रसार अधिकारी शुभकरण थालौर, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) रामेश्वरी धायल रहे।
सभापति नगमा बानो ने अपने भाषण में बताया कि इस प्रकार के मेलो का आयोजन शेखावाटी के हस्तशिल्प को बढ़ाने के लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होते हैं । उन्होंने बताया कि शेखावाटी की कला देश-विदेश में प्रसिद्ध है । इस प्रकार के मेले से उनको प्रोत्साहन मिलता है ।मेले से हस्तशिल्प, लघु उद्योगों और पर्यटकों को बढ़ावा मिलता है। जिले में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन कारगर साबित हो रहे है। आजकल के मशीनीकरण के युग में भी हाथों से बनी हस्तशिल्प की कलाएं विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।

शेखावाटी हस्तशिल्प मेले ने भारतीय एवं राजस्थानी संस्कृति को एक अलग पहचान दी है।  निरंतर आयोजित इस मेले ने पूरे जिले मे एक अलग मुकाम हासिल किया हैं। यहां विभिन्न शहरों एवं अलग क्षेत्रों से पधारे काश्तकारों, दस्तकारों को एक अलग आय का श्रोत मिला जिससे उनकी आय में इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि इस जिले में उद्योग, सेना, सर्विस, भामाशाह किसी भी क्षेत्रा की बात हो जिले का नाम जरूर लिया जाता है। दस्तकार, हस्तशिल्पकारों के लिए यह मेला एक बडा प्लेटफार्म साबित हुआ है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक अभिषेक चोबदार ने मेले का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने बताया कि इस बार मेले में अधिक स्टॉल लगाई गई । मेले में कश्मीर के सोल, हस्त निर्मित वस्तुएं आकर्षक का केंद्र रही। पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक देवेंद्र चौधरी ने अपने समापन भाषण में बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह मेला ग्रामीण हाट बाजार आबूसर में आयोजित हुआ । उन्होंने मेले के सफल सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं मीडिया को धन्यवाद दिया ।

 

कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी उमेद सिंह महला ने किया।

 

 

कार्यक्रम में प्रिन्स सीनियर सैकेण्डरी स्कूल,न्यू राजस्थान बालिका पीजी महाविद्यालय, आरएन टैगोर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की बालिकाओं द्वारा राजस्थानी संस्कृति से परिलक्षित सराहनीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

 

 

 

 

 

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अबुसार में आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला का समारोह पूर्वक समापन

झुंझुनू  जिला उद्योग केंद्र द्वारा हर वर्ष की भांति अबुसार में आयोजित शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला शेखावाटी हस्तशिल्प एवं पर्यटन मेला 2023 का  रविवार को ग्रामीण हाट आबूसर में समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि झुंझुनू नगर परिषद की सभापति नगमा बानो थी ।

विशिष्ठ अतिथि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एसीपी इस्माईल खान, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनीश खान, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक विप्लव न्योला, एलडीएम रतन लाल वर्मा, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक देवेंद्र चौधरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विकास चाहर,अतिरिक्त निजी सचिव रामसिंह पूनिया, उद्योग प्रसार अधिकारी शुभकरण थालौर, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) रामेश्वरी धायल रहे।
सभापति नगमा बानो ने अपने भाषण में बताया कि इस प्रकार के मेलो का आयोजन शेखावाटी के हस्तशिल्प को बढ़ाने के लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होते हैं । उन्होंने बताया कि शेखावाटी की कला देश-विदेश में प्रसिद्ध है । इस प्रकार के मेले से उनको प्रोत्साहन मिलता है ।मेले से हस्तशिल्प, लघु उद्योगों और पर्यटकों को बढ़ावा मिलता है। जिले में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन कारगर साबित हो रहे है। आजकल के मशीनीकरण के युग में भी हाथों से बनी हस्तशिल्प की कलाएं विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।

अंतिम दिन लोगों ने जमकर मेले का लुत्फ उठाया

रविवार होने की वजह से लोग सपरिवार मेला देखने पहुंचे । लोगों ने समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। झूलों के पास दिनभर महिलाओं व बच्चों की कतार लगी रही। विभिन्न प्रकार के झूलों पर शोर मचाते बच्चों ने खूब मस्ती की। दिनभर खान-पान के स्टालों पर भीड़ लगी रही। महिलाओं ने जहां चाट, गोलगप्पे, बर्गर आदि का स्वाद चखा तो वहीं बच्चे आइसक्रीम, पिज्जा का मजा लेते नजर आए।

 

 

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